14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए राजेश

जलपाईगुड़ी, : अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की आंचलिक कमेटी के पूर्व महासचिव और नवगठित डुवार्स-तराई आदिवासी विकास परिषद के सचिव राजेश लकड़ा को गुरुवार के रोज नागराकाटा में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें वर्ष 2009 के आगजनी कांड के सिलसिले में नागराकाटा थानांतर्गत जारी वारंट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। जलपाईगुड़ी जिले के एसपी आनंद कुमार ने बताया कि गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार करने के बाद जलपाईगुड़ी अदालत में पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुजय सेनगुप्त ने जमानत अर्जी नामंजूर करते हुए लाकड़ा को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। राजेश लकड़ा के वकील संदीप दत्ता ने बताया कि राजेश लकड़ा के खिलाफ कुछ घरों में आग लगाए जाने के मामले में संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ नागराकाटा थाने में भी आग लगाने के सिलसिले में आइपीसी की धाराओं 147, 148, 149, 379, 427 व 436 (नॉन बेलेबल) के अंतर्गत मामले दर्ज थे। राजेश लकड़ा ने अपनी गिरफ्तारी के बारे में कहा कि उन्होंने विधान सभा चुनाव में प्रत्याशी बनने का निर्णय लिया था। इसीलिए साजिश के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के हित में आवाज उठाने की कोशिश की थी, जिससे दबंग लोग खार खाए हुए थे। इन सबके बावजूद लकड़ा का कहना है कि इस तरह के दबाव की कार्रवाई से वे खौफ में नहीं आने वाले हैं। आदिवासी समुदाय के हक में उनका संघर्ष पहले की तरह ही अनवरत जारी रहेगा। हक और हुकूक के लिए जंग में उन्हें जेल जाने से कतई गुरेज नहीं। वकील संदीप दत्ता ने बताया कि यदि निचली अदालत से जमानत नहीं मिली तो इन्हें राजनैतिक बंदी का दर्जा दिए जाने को लेकर अर्जी दी जाएगी। राजेश लकड़ा की गिरफ्तारी को लेकर डुवार्स में सनसनी है। विदित हो कि राजेश लकड़ा आविप के वरिष्ठ नेताओं में से थे जिन्होंने वैचारिक मतभेद के बाद आविप से नाता तोड़ लिया। मालबाजार संवाददाता के अनुसार माल महकमा के एसडीपीओ अरिंदम सरकार ने बताया है कि राजेश लाकड़ा के खिलाफ दो मामलों में वारंट थे। आज उन्हें नागराकाटा से गिरफ्तार कर जलपाईगुड़ी अदालत में पेश किया गया। गिरफ्तारी के बारे में डुवार्स-तराई आदिवासी विकास परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष उदय शंकर भगत ने कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश है। उनका संगठन इस बारे में चर्चा कर आगे के कदम पर निर्णय लेगा। इस बार राजेश लाकड़ा ने नागराकाटा से निर्दलीय प्रत्याशी के बतौर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। एसडीपीओ ने बताया है कि जिनके खिलाफ वारंट है उनके खिलाफ इस तरह का गिरफ्तारी अभियान जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण नामजद आरोपियों की धर-पकड़ शुरू हो गई है। उत्तर बंगाल में लाकड़ा के पहले पूर्व विधायक करीम चौधरी और गोजमुमो नेता रोशन गिरि आदि की गिरफ्तारी हो चुकी है। गोजमुमो नेताओं को तो तत्काल ही जमानत पर रिहा कर दिया गया, लेकिन करीम चौधरी को कुछ दिनों तक जेल की हवा खानी पड़ी थी। अभी तीन-चार रोज पहले ही उन्हें रिहाई मिली है। रिहाई के बाद समर्थकों ने करीम की जबर्दस्त आगवानी की थी।साभार�–दैनिकजागरण

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Author: madhubaganiar

Madhubaganiar loves to write on social issues especially for downtrodden segment of Indian society.

1 thought on “14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए राजेश”

  1. कितने लोग गिराफतार हुए हैं, जिन्होंने कोकराझार के कई गाँवों में आग लगाया?
    कितने लोग गिराफतार हुए हैं, जिन्होंने उड़ीसा के कई स्कूलों, गिरजा घरों और गाँवों में आग लगाया?
    कितने लोग गिराफतार हुए हैं, जिन्होंने कोकराझार और उड़ीसा में कई लोगों को मार डाला और घर बेघर कर दिया?

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