जनजातीय विकास कार्यक्रमों के लिए गैर-सरकारी संगठनों को निधि

This information was given by the Minister of State for Tribal Affairs Shri Mahadeo Singh Khandela in a written reply in the Lok Sabha.

स्‍वयंसेवी संगठनों के साथ साझेदारी का उद्देश्‍य सरकार के प्रयासों को बढ़ाने के साथ-साथ जनजाति कल्‍याण और विकास कार्यक्रमों के कार्यान्‍वयन की व्‍यापक पहुंच बनाना है। परियोजनाओं को कार्यान्वित करने से स्‍वयंसेवी संगठन दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों में भी लाभ प्रदान करने में सक्षम होते हैं, साथ ही इस दिशा में सरकार के प्रयासों में सहायक सिद्ध होते है। मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार गैर-सरकारी संगठनों के कर्मचारियों के लिए परिवहन और यात्रा भत्‍ते के तौर पर प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये तक की धनराशि और आकस्मिक व्‍यय तथा कार्यालय के रख-रखाव के लिए 15 हजार रूपये तक की धनराशि को स्‍वीकृति दी गई है। सभी गैर-सरकारी संगठनों को अपने व्‍यय विवरणों सहित वार्षिक लेखा-परीक्षा किए गए खातों को सौंपने की आवश्‍यकता होती है। अत्‍यधिक व्‍ययों के मामले में धनराशि को संगठन के खातों से वापस ले लिया जाता है। वर्तमान में इन दिशा-निर्देशों के संशोधन के लिए कोई प्रस्‍ताव नहीं है।

      वर्ष 2011-12 के दौरान जारी की गई निधियों का गैर-सरकारी संगठनों के अनुसार विवरण नीचे दिया गया है – कृपया नीचे के लिक से विवरण प्राप्‍त करें।

http://pib.nic.in/archieve/others/2012/may/d2012051803.pdf

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Author: madhubaganiar

Madhubaganiar loves to write on social issues especially for downtrodden segment of Indian society.

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